Tuesday, January 24, 2017

तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी

तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी
तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी
तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी
कभी दिल किसी से लगा कर तो देखो 
तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी
कभी दिल किसी से लगा कर तो देखो 
तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी
तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी
कभी दिल किसी से लगा कर तो देखो 
तुम्हारे ख्यालों की दुनिया यही है
ज़रा मेरी बाहों में आ कर तो देखो 

देख के मुझे क्यूँ तुम देखते नहीं
यार ऐसी बेरुखी सही तो नहीं 
रात दिन जिसे माँगा था दुआओं में
देखो गौर से मैं वोही तो नहीं 
मैं वो रंग हूँ जो चढ़ के
कभी छूटे ना
मैं वो रंग हूँ जो चढ़ के
कभी छूटे ना दामन से 
तुम्हें प्यार से प्यार होने लगेगा 
तुम्हे प्यार से प्यार होने लगेगा 
मेरे साथ शामें बिताकर तो देखो 
तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी 
मोहब्बत की राहों में आ कर तो देखो 
तेरे लिए मैं जियूं
तुझपे ही मैं जान दूँ
दिल की कहूं
दिल की सुनु
इश्क़ है दिल्लगी नहीं
दिल्लगी दिल्लगी नहीं 
तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी
मोहब्बत की राहों में आ कर तो देखो
मोहब्बत की राहों में आ कर तो देखो  




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