ओ ...................
ना वो अँखियाँ रूहानी कहीं, ना वो चेहरा नुरानी कहीं
कहीं दिल वाली बातें भी ना, ना वो सजरी जवानी कहीं
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई , जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
ना तो हंसना रूमानी कहीं, ना तो खुशबू सुहानी कहीं
ना वो रंगली अदाएं देखीं , ना वो प्यारी सी नादानी कहीं
जैसी तू है वैसी रहना
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई , जग घूमेया थारे जैसा ना कोई -2
बारिशों के मौसमो की, भीगी हरियाली तू
सर्दियों में गालों पे जो, आती है वो लाली तू
रातों का सुकून-2 भी है , सुबह की अज़ान है
चाहतों की चादरों में , मैंने है संभाली तू
कहीं आग जैसे जलती है , बने बरखा का पाणी कहीं
कभी मन जाणा चुपके से , यूँ ही अपनी चलाणी कहीं
जैसी तू है वैसी रहना
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई , जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
अपणे नसीबों में या , होंसले की बातों में
सुखों और दुखों वाली , सारी सौगातों में
संग तुझे रखना है -2 तूने संग रहना ,
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई , जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
ना तो हंसना रूमानी कहीं, ना तो खुशबू सुहानी कहीं
ना वो रंगली अदाएं देखीं , ना वो प्यारी सी नादानी कहीं
जैसी तू है वैसी रहना
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई , जग घूमेया थारे जैसा ना कोई -2
बारिशों के मौसमो की, भीगी हरियाली तू
सर्दियों में गालों पे जो, आती है वो लाली तू
रातों का सुकून-2 भी है , सुबह की अज़ान है
चाहतों की चादरों में , मैंने है संभाली तू
कहीं आग जैसे जलती है , बने बरखा का पाणी कहीं
कभी मन जाणा चुपके से , यूँ ही अपनी चलाणी कहीं
जैसी तू है वैसी रहना
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई , जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
अपणे नसीबों में या , होंसले की बातों में
सुखों और दुखों वाली , सारी सौगातों में
संग तुझे रखना है -2 तूने संग रहना ,
मेरी दुनिया में भी, मेरे जज्बातों में
तेरी मिलती निशानी कहीं, जो है सबको दिखानी कहीं
तू तो जानती है मरके भी , मुझे आती है निभानी कहीं
वो ही करना है जो है कहना
(जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई-2)
तेरी मिलती निशानी कहीं, जो है सबको दिखानी कहीं
तू तो जानती है मरके भी , मुझे आती है निभानी कहीं
वो ही करना है जो है कहना
(जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई-2)
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